मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए धार्मिक लंगरों को जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया है...जीएसटी लागू होने से पहले लंगर और प्रसाद के लिए खरीदे जाने वाले कच्चे माल पर कोई टैक्स नहीं लगता था. पिछले साल 1 जुलाई से लागू जीएसटी में लंगर और प्रसाद के सामान को भी शामिल कर लिया गया था...जिसका स्वर्ण मंदिर समेत देश भर के गुरुद्वारों और मंदिरों ने कड़ा विरोध कर रहे थे.
