बिहार के मुख्यमंत्री को अयोग्य घोषित करने वाली याचिका पर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। चुनाव आयोग ने कहा ये याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसे खारिज किया जाए। याचिका तुच्छ है और गलत तथ्यों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी गुमराह करने वाली है और ये अदालती प्रक्रिया का दुरुपयोग है। चुनाव आयोग ने कहा कि नीतिश कुमार ने 2012 और 2015 में बिहार विधानसभा का चुनाव नहीं लडा था। वहीं,2013 में भी बिहार विधान परिषद का चुनाव भी नहीं लड़ा था। लेकिन याचिकाकर्ता ने न जाने कहां से नीतीश कुमार के चुनावी हलफनामे हासिल किए। आयोग ने याचिकाकर्ता पर भारी जुर्माना लगाने की भी अपील की है। दरअसल वकील एमएल शर्मा ने याचिका दाखिल थी। ये आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार ने 2004 से 2012 के दौरान हलफनामे में जिक्र नहीं किया था कि 1991 में उन पर हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी।<br /><br />For More Information visit us: http://www.inkhabar.com/<br />Connect with us on Social platform at https://www.facebook.com/Inkhabar<br />Connect with us on Social platform at<br />https://twitter.com/Inkhabar<br />Subscribe to our YouTube channel: https://www.youtube.com/user/itvnewsindia
