#Human Story: हाथोंं में पड़ जाते थे छाले फिर भी नहीं रुकी, आज हैं देश की पहली ढोल बजाने वाली महिला
2019-03-08 633 Dailymotion
पांच मिनट ढोल बजाना एक घंटा जिम करने के बराबर होता है. रियाज करने के दौरान खून तक निकल आता था. हाथ में फ्रैक्चर तक हो जाता था फिर मैं रुकी नहीं.