धारा 370, असम नागरिकता संशोधन विधेयक, कॉमन सिविल कोड, तीन तलाक़ और राम जन्म भूमि जैसे विवादित मूद्दों के ऊपर बीजेपी के साथ रहने के बावजूद भी जेडीयू का उससे अलग रूख था. वजह साफ़ है कि नीतीश कुमार बीजेपी के साथ रहने पर भी अपना सेक्युलर इमेज से समझौता नहीं करना चाहते हैं. लेकिन नीतीश कुमार के इस स्टैंड के बावजूद जब लोकसभा चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने की बारी आइ तो जेडीयू ने मात्र एक ही मुस्लिम उम्मीदवार को उतारा. <br /> <br />
