कहां तो कॉग्रेस ने अपने वचन पत्र में धार्मिक स्थलों को पवित्र बनाने का वादा किया था और कहां कॉग्रेस की नीती शहर दर शहर शराब को बढ़ावा देने वाली बनाई गई है.शिवराज सरकार में घोषित धार्मिक नगर अब कांग्रेस सरकार में हाशिए पर पहुंच गए हैं....एक तरफ कमलनाथ सरकार के पास फिलहाल पवित्र नगरों के विकास का कोई रोड मैप नही है.वहीं बीजेपी धार्मिक नगरों के विकास के बहाने कांग्रेस सरकार को घेरने के प्लान में जुटी है...धार्मिक नगरों के विकास को डिफोकस करता शासन और शराब नीति में संशोधन कर शराब को बढ़ावा देने के मुद्दों को राज्य सरकार के खिलाफ हथियार बनाने पर अड़ी बीजेपी,कांग्रेस को अधर्मियों की सरकार बता रही है.क्या है कांग्रेस राज में धार्मिक नगरों के हाल और सरकार बदलने के साथ ही वचन पत्र की अनुरूप कितनी बदली है पवित्र नगरों की तस्वीर.देखिए ये रिपोर्ट...
