आज का युवा फैशन और ग्लैमर की चकाचौंध में डूबा हुआ है। सोशल मीडिया की आभासी दुनिया ने उसे अपने जाल में जकड़ रखा है, ऐसे में परिवार और समाज से वह दूर होता जा रहा है। इसी समाज में बिरले लोग अपने कार्यों से इस समाज और देश के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। ऐसे ही एक युवा हैं यश पाराशर। 23 साल के यश पाराशर बेसहारा और परिवार से निकाले गए बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम चलाते हैं। वे और उनके कुछ दोस्त मिलकर बेसहारा बुजुर्गों का सहारा बने हैं और आश्रम का संचालन कर रहे हैं।
