रणवीर ने किरदार में उतरने के लिए काफी रिसर्च किए। उन्होंने खुद को अपने कमरे में लंबे समय तक बंद रखा और तैयारी की। एक साल तक फिल्म की शूटिंग चली। इसका असर इतना गहरा रहा कि फिल्म के बाद किरदार से बाहर निकलने में भी उन्हें काफी परेशानी आई। जिसके लिए अब उन्हें मनोचिकित्सक के पास जाना पड़ रहा है।
