<p>हनीट्रैप मामले में इंदौर जनहित याचिका की पैरवी करने वाले अधिवक्ता मनोहर दलाल ने आरोप लगाया है कि आरोपी श्वेता विजय जैन ने सरकारी ठेका ब्लैक मेल कर हासिल किया था।आरोप है कि श्वेता ने न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से लिया था टेंडर। बताया जा रहा है कि अप्रैल 2018 में श्वेता जैन की कंपनी को मिला था यह टेंडर।आईएएस अधिकारियों के सहयोग से मिला था टेंडर।हनी ट्रैप मामले में कई बड़े खुलासे होने के बाद अब यह कहानी और ज्यादा उलझता जा रही है।</p>
