देश की राजधानी दिल्ली में लगातार तीन दिनों तक चले सांप्रदायिक दंगे में अबतक 39 लोगों के मारे जाने की पुष्टी हुई है और 350 से ज़्यादा लोग घायल हैं। हिंसा के दौरान भारी संख्या में दुकानों, मकानों और स्कूलों में तोड़फोड़ और आगज़नी क गई। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ब्रिजपूरी इलाक़े में अरुण पब्लिक स्कूल है, जहां स्कूल की बस और गाड़ियों में आग लगई गई है। एनआईओएस के इंचार्ज गयूर अली बताते हैं कि इस स्कूल में सभी समुदाय के लोग पढ़ते हैं और सभी के परिवार वाले स्कूल की हालत देखने आ रहे हैं और कह रहे हैं कि हम सभी को एकसाथ मिलकर रहना है।<br />गोन्यूज़ से बात-चीत में उन्होंने कहा कि स्कूल तो मंदिर-मस्जिद से बढ़कर है। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल भीड़ की पहचान करना मुश्किल है। कॉलोनी के लोग उनकी पहचान नहीं कर पा रहे। ऐसा लगता है कि कोई बाहर से आए हों और लूटपाटकर चले गए हों। <br />देखिये हमारे सहयोगी सिद्धार्थ पांडेय की ब्रिजपूरी से ग्राउंड रिपोर्ट।<br />More news@ www.gonewsindia.com<br />
