लॉकडाउन ऐसा काल जिसके बारे में न कभी सुना न देखा। इससे हर वर्ग परेशान हो उठा। काम बंद हुए तो प्रवासी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया... लॉकडाउन के बढ़ते कार्यकाल का डर ऐसा था कि मजदूर सैकड़ों मील दूर जन्मभूमि की ओर जाने लगे... लेकिन देश अनलॉक होने के बाद भी मजदूरों के पलायन का सिलसिला बदस्तूर जारी है.<br />
