अच्छाई का दुरुपयोग न हो <br />अतुल कनक, वरिष्ठ साहित्यकार <br />हिन्दी की ताकत यही है कि वो दूसरी भाषाओं के शब्दों को भी पूरी आत्मीयता के साथ आत्मसात कर लेती है, लेकिन कई बार आपकी अच्छाई का दुरुपयोग कुछ अवसरवादी प्रवृत्तियां कर लेती हैं। हिन्दी के साथ यही हुआ। विदेशी भाषाओं को अप
