गोरखपुर जिले के खोराबार के रायगंज में तिहरे हत्याकांड के बाद मंगलवार की सुबह रोज जैसी स्थिति नहीं थी। चारों ओर सन्नाटा और खामोशी में छिपा दर्द हर किसी की आंख में देखा जा सकता था। मां-बाप व बहन को खो चुका 12 साल का अक्षय रो रहा था तो ढांढस बंधाने वालों की आंखें भी डबडबा गईं। दूसरी तरफ, राप्ती नदी के तट राजघाट पर जब एक साथ तीन चिताएं जलीं तो सबकी आंखें नम हो गईं। जिसने भी यह दृश्य देखा, वह रो पड़ा। <br />राजघाट पर 12 साल के अक्षय ने माता-पिता और बहन जब मुखाग्नि दी तो फफक पड़ा। बोला, माई आ जा...अब हम कइसे रहब। इसके बाद वह बेसुध सा हो गया।
