जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने पराली के जलाये जाने के कारण होने वाले प्रदूषण को नियन्त्रित करने के लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर सचल दस्ता गठित किया। पहली बार पराली जलाये जाने पर नोटिस जारी व अर्थदंड लगेगा, दूसरी बार पकड़े जाने पर अर्थदंड के साथ मुकदमा पंजीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
