Kalbhairav Ashtami भगवान भोलेनाथ के रौद्र अवतार श्री काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए बुंदेलखंड में प्राचीन काल से ढॉक संगीत बजाया जाता है। सागर में हरीओम विश्वशांति मंडल द्वारा चकराघाट स्थित काल भैरव के मंदिर में आधी रात को ढॉक बजाई गई। इसमें बाबा के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए ढॉक संगीत के साथ भजन गाते हैं। इन्हें वीरोठा कहा जाता है। वीर रस के इन भजनों में बाबा की लीलाओं को गाकर उनकी उपासना की जाती है और मनोकामना पूर्ती की कामना की जाती हैं। <br /> <br />
