मप्र में एक बड़ा प्रोजेक्ट बीआरटीएस तो पूरी तरह से फेल हो गया इंदौर और भोपाल इन दोनों शहरों में करीब 800-900 करोड़ रु. खर्च करने के बाद नतीजा कुछ नहीं निकला.. ऐसा ही मामला इंदौर की कान्ह नदी के सफाई प्रोजेक्ट का भी है... कान्ह नदी आगे चलकर उज्जैन की मोक्षदायिनी क्षिप्रा में जाकर मिलती है... कान्ह की वजह से क्षिप्रा मैली हो रही है और इसे साफ करने के लिए सरकार इतना पैसा बहा चुकी है उसके बाद भी ये साफ हो नहीं रही...
