ज्ञानियो की घास वाली थाली। हिंदी कहानी। एक मोरल स्टोरी <br /><br />मैं आशा करता हूं आप लोगों को यह कहानी बहुत अच्छी लगेगी <br /><br />कहानी के मुख्य पात्र है <br /> 1- ईश्वर (पंडित)<br /> 2- रामकृष्ण (पंडित)<br /> 3- रामलाल (सेठ)<br />Description:<br /><br />इस कहानी "पंडितों को मिली घास वाली थाली का सबक!" में हम देखते हैं कि कैसे काशी के दो अभिमानी पंडित अपने ज्ञान के घमंड में चूर होकर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। उनकी इस सोच को एक धनी सेठ, रामलाल जी, बहुत समझदारी से एक अनोखा सबक सिखाते हैं। रामलाल जी दोनों पंडितों के सामने घास की थाली परोसते हैं, जिसे देखकर पंडित हैरान हो जाते हैं। इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि चाहे कितनी भी विद्या हासिल हो जाए, हमें घमंड और दूसरों के प्रति बुरी सोच से बचना चाहिए।<br /><br />यह कहानी जीवन में विनम्रता और सम्मान का महत्व बताती है <br /><br /><br />#घमंड_का_सबक<br /><br />#पंडितों_की_कहानी<br /><br />#धार्मिक_कथा<br /><br />#भारतीय_संस्कृति<br /><br />#सीख_से_भरी_कहानी<br /><br />#मूल्य_परक_कहानी<br /><br />#प्रेरणादायक_कहानी<br /><br />#अभिमान_का_अंजाम<br /><br />#मोरल_स्टोरी<br /><br />#प्राचीन_भारत
