मेरी नजरों के सामने सबकुछ हुआ था. मुझे खुद विश्वास नहीं हुआ कि मैं कैसे बाहर निकला..थोड़ी देर के लिए मुझे लगा कि मैं मरने वाला हूं..लेकिन कुछ देर बाद मैं ठीक था और मैंने कोशिश की और मेरी सीट की बेल्ट निकाली और ट्राय किया कि कहां से निकल सकता हूं...मेरे सामने जो अंकल आंटी थे सब मर चुके थे.
