<p>पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चहल-पहल भरे मनिकटल्ला मछली बाजार में एक खास मछली हरेक का ध्यान अपनी ओर खींचती है हिलसा. लोग इसे प्यार से 'इलिश' भी कहते हैं. बंगाली घरों में हिलसा सिर्फ मछली नहीं, भावनाओं का इजहार भी है. समृद्ध, तैलीय और लाजवाब स्वाद के लिए मशहूर हिलसा मछली त्योहारों का मुख्य पकवान और उत्सव का प्रतीक है. अमूमन हिलसा का मौसम जून से सितंबर तक होता है। इस दौरान मछली बाजार में बेचने और खरीदने वालों की भारी चहल-पहल होती है. पश्चिम बंगाल के चुने हुए इलाकों से हिलसा मछलियां लाई जा रही हैं, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में मांग के लिहाज से आपूर्ति बेहद कम है. मानसून आते ही हिलसा की मांग बढ़ जाती है. लेकिन कम आपूर्ति और बढ़ती कीमतों की वजह से रोजमर्रा के खरीदारों के लिए पसंदीदा मछली का जायका लेना मुश्किल होता जा रहा है. पिछले कुछ सालों से हिलसा की आपूर्ति कम हो रही है। कई व्यापारियों को इस बार भी पूरी आपूर्ति की उम्मीद नहीं है. उनका कहना है बढ़ती मांग पूरी करने के लिए अब वे म्यांमार से आयात किये हिलसा पर निर्भर हैं. हालांकि व्यापारियों और खरीदारों को आने वाले समय में बेहतर आपूर्ति की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल स्थानीय बाजारों में लोकप्रिय हिलसा दुर्लभ और महंगी मछली है. </p>
