उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र 3 दिन चला. कई मुद्दों पर चर्चा हुई. डेमोग्राफी चेंज, पलायन और मूल निवास पर मैदानी विधायक भी लामबंद दिखे.