<p>बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के दौरान लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. वहीं, मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित भीमबांध क्षेत्र में दो दशकों में पहली बार मतदाताओं ने वोट डाला. इसी क्षेत्र में 2005 में एसपी सी. सुरेंद्र बाबू और सात पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद मतदान स्थगित कर दिया गया था. तब से यहां मतदान नहीं होता था, लेकिन इस बार क्षेत्र में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाली हुई. यहां आये दिन नक्सलियों की गतिविधियां देखी जाती थीं. जिस कारण चुनाव आयोग द्वारा इस क्षेत्र में चुनाव के समय मतदान केंद्र को हटा दिया गया था, और यहां से लगभग 16 किलोमीटर दूर गंगटा के गायहाट में मतदान केंद्र बनाया गया, लेकिन गांव से 16 किलोमीटर दूर मतदान केंद्र स्थापित किये जाने से लोगो में मतदान को लेकर कोई रुचि नहीं रह गई थी, कारण कई थे. जंगल और सुदूर क्षेत्र होने के कारण यहां यातायात की कोई व्यवस्था नहीं थी. लोग अपने दिनचर्या का कार्य करने के अलावे किसी और काम को महत्व नहीं देते थे. माहौल भी भयभीत करने वाला होता था.. अब एंटी नक्सल ऑपरेशन की वजह से स्थिति बदली है..</p>
