बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए साफ हो गया है कि कांग्रेस के भीतर की कलह, कमजोर संगठन और नेतृत्व की असंगति पार्टी को लगातार गर्त में धकेल रही है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव मैदान में पसीना बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन ये मेहनत मतदाताओं तक पहुंचने वाले ठोस राजनीतिक संदेश में तब्दील नहीं हो पाई। जिसका नतीजा आज पूरे बिहार और देश के सामने है।<br />
