सवाईमाधोपुर. राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए एमओयू अब धरातल पर उतरने लगे हैं। इसी क्रम में जिले के कुश्तला गांव में स्थापित एक निजी अमरूद प्रसंस्करण इकाई का शनिवार को जिला कलक्टर काना राम ने औपचारिक शुभारंभ किया।<br /><br />जिला कलक्टर ने कहा कि यह केवल एक उद्योग का शुभारंभ नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और कृषि आधारित औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला कदम है। उन्होंने यूनिट संचालकों को किसानों को पारदर्शी भुगतान करने पर जोर दिया।<br />-------<br /><br />किसानों के लिए आर्थिक सहारा बनेगी यूनिट<br /><br />जिले में लगभग 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद की खेती होती है, लेकिन किसानों को उचित बाजार मूल्य नहीं मिल पाता था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के अनुरूप यह यूनिट किसानों के लिए आर्थिक सहारा बनेगी। कृषि विभाग एफपीओ के माध्यम से हब एंड स्पोक मॉडल लागू करेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अमरूद में पाई जाने वाली निमाटोड रोग समस्या के समाधान के लिए अगले सप्ताह कार्यशाला होगी। इसमें किसानों को निःशुल्क उपचार किट दी जाएगी। जनवरी में ‘अमरूद महोत्सव’ का आयोजन होगा, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के उत्पादक, प्रोसेसर और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे।<br />---------<br /><br />प्रति घंटे 500 किलो अमरूद पल्प हो रहा तैयार<br /><br />प्रोसेसिंग यूनिट कंपनी के निदेशक सुधांश गुप्ता ने बताया कि वर्तमान चरण में प्रति घंटे 500 किलो अमरूद पल्प तैयार किया जा रहा है। फिलहाल प्रतिदिन 4 से 5 टन उत्पादन हो रहा है, जिसे भविष्य में 10 टन तक बढ़ाया जाएगा। आने वाले चरणों में जूस, जैली, मुरब्बा और अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। दो वर्षों में लगभग 15 करोड़ रुपए निवेश और 150 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। कंपनी वर्तमान में किसानों से खराब पीला अमरूद 8 रुपए प्रति किलो खरीद रही है। पहले खराब फल औने-पौने दामों में बिकते थे या बर्बाद हो जाते थे, लेकिन अब उन्हें भी मूल्य मिलेगा और विपणन के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम में उद्योग महाप्रबंधक पंकज कुमार मीना, एलडीएम प्रवीण कुमार, उप निदेशक उद्यान सीपी बड़ाया, कृषि अधिकारी (आत्मा) अमर सिंह, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।<br />पत्रिका ने उठाया था मुद्दा<br /><br />जिले में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की मांग के मुद्दे को रास्थान पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था। इस दौरान इस साल नौ फरवरी से 16 फरवरी तक लगातार समाचार प्रकाशित किए थे। नौ फरवरी को पत्रिका ने अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट: घोषणा कर भूली सरकार शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद भी लगातार खबरों का प्रकाशन किया। इसके बाद राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए एमओयू के बाद अब किसानों को यहा प्रोसेसिंग यूनिट लगने की उम्मीद जगी है।
