वरिष्ठ कवि अशोक वाजपेयी ने नई दिल्ली में 'नेहरू केंद्र भारत' के उद्घाटन अवसर बोलते हुए गिनाया कि कैसे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू असल में विश्वगुरु थे और दुनिया उनसे बड़े मामलों में नेतृत्व की अपील करती थी। आलोचक और संस्कृति कर्मी वाजपेयी ने कहा कि नेहरू को चाय बेचते हुए देश नहीं मिला था, बल्कि उन्होंने भारत को खोजा था। इसके लिए डिस्कवरी ऑफ इंडिया की रचना की और भारत की सांस्कृतिक आत्मा को आवाज दी। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि भारत की संस्कृति को जितना नेहरू ने अपनी कलम से समृद्ध किया, उतना किसी और ने नहीं किया।<br />#ashokvajpayee #jawaharlalnehru
