<p>जब सूडान की काल कोठरी से मात देकर ओडिशा का लाल भुवनेश्वर लौटा तो खुशी के आंसू छलक पड़े. जगतपुर के रहने वाले इस युवक आदर्श बेहरा को सूडान में 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' ने एक महीने से ज्यादा समय तक बंधक बनाकर रखा था. जब ये युवक हवाई अड्डे पर पहुंचा. तो माला पहनाकर परिजनों ने स्वागत किया. मां ने बेटे को गले लगा लिया.ये बेहद भावुक पल था. आदर्श ने बताया कि, "मुझे करीब डेढ़ महीने तक बंधक बनाकर रखा गया था. वे मुझे जंगल ले गए और बेरहमी से पीटा. मुझे एक अंधेरी कोठरी में रखा गया था और खाने के लिए सिर्फ ब्रेड और बिस्कुट दिए जाते थे. मैंने सोचा था कि मैं अपने परिवार को फिर कभी नहीं देख पाऊंगा, लेकिन अब घर वापस आकर मैं बहुत खुश हूं".</p><p>आदर्श के बच्चे अपने बीच पिता को देखकर खुशी से फूले नहीं समा रहे थे.वहीं पत्नी से कहा कि "ये सब एक बूरे सपने जैसा लगता है, भगवान की कृपा से वह आज सुरक्षित घर पहुंच गए हैं. जब वह 2022 में सूडान गए थे, तब मेरा बड़ा बेटा पांच साल का था और छोटा बेटा सिर्फ 12 दिन का था. बच्चे भी अपने पिता को साथ पाकर बहुत खुश हैं"</p><p>आदर्श के पिता ने बेटे की वापसी पर सरकार का आभार जताया. उन्होंने कहा कि, "अपने बेटे को सुरक्षित पाकर हम आज बहुत खुश हैं. पिछले डेढ़ महीने से हमने न कुछ खाया था और न पिया. बेटा इतना कमजोर हो गया था कि उसे देखकर उसकी मां की हालत बिगड़ रही थी. हम सरकार के हमेशा ऋणी रहेंगे."</p><p>ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सूडान से आदर्श की सुरक्षित वापसी पर खुशी जताई. केंद्र सरकार और सूडान में भारतीय दूतावास को धन्यवाद दिया.</p>
