बस्सी @ पत्रिका. मिलावटी और अशुद्ध खाद्य पदार्थों के इस दौर में लोग एक बार फिर शुद्धता की ओर लौटते नजर आ रहे हैं। खासकर खाद्य तेल को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी है। सरसों का तेल हो या तिल्ली का, बाजार में मिलावट के बढ़ते खेल ने लोगों का भरोसा फैक्ट्री में बने तेलों से लगभग उठा दिया है। ऐसे में देशी तरीकों से निकाले गए तेल की मांग लगातार बढ़ रही है।
