SIR पर दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित राष्ट्रीय जन-सुनवाई में सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि पहले तो यह (मौजूदा सत्ता) कहते रहे कि हम हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं, लेकिन संविधान में धर्मनिरपेक्षता का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार अपने फैसलों में इसे मूल आधार कहा है। फिर इन्होंने NRC के बारे में सोचा लेकिन उसमें दिक्कतें थीं, असम की एनआरसी का वाकया आपके सामने है। फिर ये नया खेल लेकर आए SIR और इसके जरिए इन्होंने सोचा कि वोटिंग लिस्ट से ज्यादातर मुसलमानों का नाम हटा देंगे।<br />#prashantbhushan #SIR #voterlist
