<p>नई दिल्ली/नोएडा: भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर सोमवार को ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर 'किसान महापंचायत' का आयोजन किया गया. इस महापंचायत में हजारों किसानों ने भाग लिया. सरकार और प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने साफ कर दिया है कि अब वे आश्वासनों से मानने वाले नहीं हैं, वे अपना हक लेकर रहेंगे. किसान महापंचायत में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रशासन 'आबादी' की परिभाषा को ठीक से समझने को तैयार नहीं है. किसान के लिए उसका घर सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि उसके बाड़े भी हैं, जहां वह पशुपालन करता है. लेकिन सरकार इन बाड़े को आबादी में न मानकर किसानों को उनके अधिकार से वंचित कर रही है. उन्होने इस बात को लेकर विरोध जताया कि उनकी जमीनें लेकर बनाए गए प्रोजेक्ट्स (जैसे जेवर एयरपोर्ट) में स्थानीय युवाओं को पक्की नौकरी नहीं मिल रही. सरकार 'अग्निवीर' की तरह यहां भी ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दे रही है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में है. किसानों ने आरोप लगाया कि विस्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हुई हैं. कई परिवार आज भी दर-दर भटक रहे हैं, उन्हें न मुआवज़ा मिला और न ही रहने के लिए सही जगह. </p>
