<p>कुल्हड़ की चाय का स्वाद अपने आप में अनोखा होता है, लेकिन कभी आपने सोचा है कि कुल्हड़ बनाकर कोई लाखों रुपये कमा सकता है? अगर नहीं तो मिलिए ओड़िशा के केंद्रपाड़ा के मकर केतन साहू से... जो ना सिर्फ खुद लागों रुपये कमाते हैं, बल्कि उन्होंने कई लोगो को रोजगार भी दे रखा है. </p><p>49 साल के मकर टेराकोटा आर्टिस्ट हैं.. 1999 तक वो दूसरे लोगो को ट्रेनिंग देते थे.. लेकिन अचानक एक विचार ने उनकी जिंदगी बदल दी. वो एक गैर सरकार संस्था में दूसरे लोगों को टेराकोटा की ट्रेनिंग देते थे. उनके मन में आया कि जिसको हम सिखाते हैं वो 10 से 20 रुपये कमा लेता है, लेकिन मुझे सिर्फ 3 से 4 हजार रुपये मिलते हैं. यही सोचकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और खुद का व्यवसाय शुरू किया. गुजरात और मध्यप्रदेश से मशीनें मंगाई और जब काम बढ़ा तो कई लोगों को काम पर रख लिया. उनके यहां काम करने वाले भी 14000-15000 रुपये महीने का कमा लेते हैं. </p><p>डॉक्टर भी प्लास्टिक के कप में चाय पीने की सलाह नहीं देते हैं.. ऐसे में मकर का कुल्हड़ लगातार पोपुलर हो रहा है. भुवनेश्वर और कटक जैसे शहरों में इसकी जबर्दस्त मांग है और ऐसे में उनका कारोबार बढ़ता जा रहा है. </p>
