गोपनीय सूचनाओं पर टिकी एसीबी की उम्मीद, दलालों के नए हथकंडों से बढ़ी चुनौती<br />दलालों का शिकंजा कसता गया, एसीबी की पकड़ होती गई ढीली<br /><br />सवाईमाधोपुर. जिले में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई इस साल बेहद सीमित रही। पूरे सालभर में महज़ छह रिश्वतखोरी के मामले दर्ज हुए, जबकि बिजली, राजस्व, पुलिस, नगरपरिषद और बजरी परिवहन जैसे विभागों में दलालों का नेटवर्क खुलेआम सक्रिय है। हालात यह हैं कि आमजन की शिकायतें कार्रवाई तक पहुंचने से पहले ही दबा दी जाती हैं। दलालों की पकड़ इतनी मजबूत है कि भ्रष्टाचार का कारोबार बेखौफ चलता रहा और एसीबी की टीम के लिए इन्हें पकड़ना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।<br /><br />दलालों का नया तरीका, एसीबी की पकड़ से बचते रहे<br />एसीबी के अनुसार दलाल अब नए तरीके अपनाकर खुद को बचा रहे हैं। कई मामलों में वे निजी व्यक्तियों को आगे कर देते हैं, जिससे असली भ्रष्ट दलालों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि इस साल एसीबी को केवल छह ही मामलों में सफलता मिली। हालांकि इन सभी मामलों में घूसखोरों को जेल पहुंचाया गया लेकिन अभी भी सरकारी दफ्तरों में भष्ट्र अधिकारी-कर्मचारियों का बिना रिश्वत लेकर भी कार्य कर रहे है। इसकी एसीबी को भी कानोकान खबर तक नहीं मिलती।<br /><br />बिजली, राजस्व और बजरी परिवहन में सबसे ज्यादा शिकायतें<br /><br />जानकारी के अनुसार विद्युत निगम, राजस्व विभाग, पुलिस और अवैध बजरी परिवहन से जुड़े मामलों की शिकायतें सबसे अधिक आती हैं। बजरी परिवहन में ट्रॉलियों को गलत तरीके से निकालने के लिए लेन-देन की बात सामने आई है। पिछले साल भी ऐसे मामलों में धरपकड़ हुई थी, लेकिन दलालों की सक्रियता कम नहीं हुई। शिकायतें लगातार मिल रही हैं कि दलाल और अधिक सतर्क होकर काम कर रहे हैं।<br />दो साल में दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए<br />जिले की एसीबी टीम पिछले दो साल से रिश्वत मामलों में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई है। 2023 में जिले की टीम ने 12 मामलों में भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़कर जेल पहुंचाया था। वहीं प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया था। लेकिन बार तो केवल खानापूर्ति ही साबित हुई। इस साल यह संख्या घटकर केवल छह पर रह गई है। यह गिरावट एसीबी के लिए भी चिंताजनक है। रिश्वतखोर अब नए तरीके इजाद कर रहे हैं, जिनकी भनक एसीबी को देर से लग पाती है।<br /><br />पिछले पांच साल के आंकड़ों पर एक नजर...<br /><br />वर्ष प्रकरण<br /><br />2021 9<br /><br />2022 9<br /><br />2023 12<br /><br />2024 4<br /><br />2025 6<br /><br />इनका कहना है...<br />जून माह से पहले ट्रेप का केवल एक मामला था। पदभार ग्रहण करने के बाद पांच मामलों में रिश्वतखोरों को पकड़ा है। पूरी टीम भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ने में जुटी है। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार से रिश्वत मांगे तो तुरंत एसीबी कार्यालय में निडर होकर शिकायत कर सकते है। दलालों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए रणनीति बनाई जाएगी, ताकि आने वाले समय में कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकें।<br /><br />ज्ञानसिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी सवाईमाधोपुर<br />
