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swm: अब बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाओं में नहीं चलेगी मेहमाननवाजी

2026-01-03 25 Dailymotion

सवाईमाधोपुर. प्रायोगिक परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अब राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए है। राजकीय और निजी विद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान वर्षों से चली आ रही मेहमाननवाजी की परंपरा पर अब शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए रोक लगा दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने परिपत्र जारी कर साफ कर दिया है कि परीक्षा या निरीक्षण के नाम पर किसी भी बाह्य परीक्षक, उड़नदस्ते, शैक्षिक अधिकारी या शिक्षक का स्वागत-सत्कार, ठहराव, भोजन या किसी भी प्रकार की सुविधा देना नियमों का खुला उल्लंघन माना जाएगा। दोषियों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।<br /><br />बरसों से चली आ रही परंपरा पर लगेगा ब्रेक<br /><br />विभाग ने स्वीकार किया है कि प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान कई विद्यालयों में बाह्य परीक्षकों के लिए विशेष इंतजाम किए जाते रहे हैं। होटल में ठहराना, सम्मान समारोह, भोजन व्यवस्था और आतिथ्य के नाम पर होने वाली गतिविधियां परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती रही हैं। अब इन सभी प्रथाओं पर पूरी तरह रोक लगा दी है। गौरतलब है कि विद्यार्थियों को बिना किसी दबाव या आर्थिक बोझ के अपनी मेहनत के आधार पर अंक मिलें, यही इस सरकार का मकसद है।<br />केवल सरकारी शिक्षक ही होंगे परीक्षक<br />निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रायोगिक परीक्षाओं में बाह्य परीक्षक के तौर पर केवल सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को ही ड्यूटी पर लगाया जाएगा। निजी विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति किसी भी स्थिति में नहीं होगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि परीक्षा के दौरान कोई अनियमितता या दबाव की स्थिति बने तो परीक्षक तत्काल पुलिस थाने, जिला शिक्षा अधिकारी और बोर्ड के नियंत्रण कक्ष को सूचना देगा।<br /><br />विद्यार्थियों से वसूली पर भी शिकंजा<br /><br />प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों से अच्छे अंक दिलाने के नाम पर वसूली और खातिरदारी का खेल लंबे समय से चलता रहा है। कई स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों से हजारों रुपए तक वसूलते हैं, ताकि उन्हें अच्छे नंबर दिलाए जा सकें। इन पैसों से परीक्षकों की सुविधा और आतिथ्य का खर्च निकाला जाता है। विभाग ने इस पर भी सख्ती दिखाते हुए चेतावनी दी है कि ऐसी गतिविधियां अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।<br />वीडियोग्राफी होगी अनिवार्य<br />शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रायोगिक परीक्षाओं की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। यदि किसी विद्यालय का संस्था प्रधान, विषय अध्यापक या कोई अधिकारी स्वागत-सत्कार करते पाया गया तो केवल संबंधित कर्मचारी ही नहीं, बल्कि संस्था प्रधान को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे।<br /><br />फैक्ट फाइल...<br /><br />-01 से 25 जनवरी के बीच प्रस्तावित है प्रायोगिक परीक्षाएं।<br /><br />-03 संकाय जिसमें कलां, विज्ञान व और कृषि शामिल है<br /><br />-09 विषयों की होती है प्रायोगिक परीक्षाएं<br /><br />-500 से 2000 रुपए तक वसूलता है स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों से<br /><br />....................<br /><br />इनका कहना है...<br /><br />प्रायोगिक परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने राजकीय और निजी विद्यालयों में वर्षों से चली आ रही मेहमाननवाजी की परंपरा पर शिक्षा विभाग ने रोक लगा दी है। परीक्षा या निरीक्षण के नाम पर किसी भी बाह्य परीक्षक, उड़नदस्ते, शैक्षिक अधिकारी या शिक्षक का स्वागत-सत्कार, ठहराव, भोजन या किसी भी प्रकार की सुविधा देना नियमों का खुला उल्लंघन माना जाएगा। दोषियों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।<br /><br />अजय शर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, सवाईमाधोपुर<br /><br />

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