सवाईमाधोपुर. फलौदी से रवांजना चौड़ मार्ग पर दिल्ली–मुंबई रेललाइन के नीचे बना रेलवे अंडरपास महीनों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। देश के सबसे व्यस्त रेलमार्ग पर हर दस मिनट में ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन अंडरपास में भरे गंदे पानी की ओर जिम्मेदार विभागों ने आंखें मूंद रखी हैं। नतीजा यह है कि राहगीरों और वाहन चालकों की जान रोजाना जोखिम में पड़ रही है।<br /><br />ग्रामीण बनवारी सिंह अवाना, हेमंत राजोरिया, जाईद खान और मनोज जायसवाल ने बताया कि पानी का स्तर इतना बढ़ चुका है कि दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो जाते हैं, जबकि चौपहिया वाहन भी फंसकर खराब हो जाते हैं। मजबूरी में लोग गंदे पानी से होकर निकलते हैं, जिससे कपड़े खराब होने के साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी बढ़ रही हैं।<br />कई बार वाहन हो चुके बंद<br />अंडरपास से गुजरने के दौरान पानी का बहाव होने से कई बार वाहन बंद तक हो जाते है। जलभराव के कारण सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटनाएं हो रही हैं। उधर, सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है जब अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। ऐसे में लोग शॉर्टकट के तौर पर पैदल रेलवे ट्रैक पार करने लगते हैं। दिल्ली–मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर हर मिनट ट्रेनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस ओर ध्यान नहीं दिया तो किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है।<br /><br />गिरकर हो रहे चोटिल<br /><br />सर्द मौसम में गंदे पानी में गिरने से लोग घायल भी हो रहे हैं। पैदल चलने के लिए फुटपाथ बना है, लेकिन जब वाहन तेज गति से पानी में घुसते हैं तो छींटों से पैदल यात्री भीग जाते हैं। इससे खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और मजदूरी के लिए निकलने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।<br />बनखंडी बालाजी के दर्शनार्थियों को होती है परेशानी<br />इसी मार्ग से हर मंगलवार और शनिवार को बनखंडी बालाजी के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु गुजरते हैं। क्वालजी स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले भक्त भी इसी अंडरपास से निकलते हैं। वहीं टोडरा–कुशालीपुरा मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण फलौदी, टोडरा, खानपुर सहित आसपास के गांवों के मजदूरों को भी रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। अंडरपास से पानी निकासी के लिए बना नाला लंबे समय से मिट्टी और कचरे से भरा पड़ा है। यदि इसकी नियमित सफाई कर दी जाए तो समस्या का स्थायी समाधान संभव है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।<br /><br />................<br />लोगों की जुबानी...<br />अंडरपास में बंद हुई कार, होते रहे परेशान<br />अंडरपास में जलभराव से आमजन को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। जयपुर से रिश्तेदार कार लेकर आए थे जैसे ही उनकी कार अंडरपास में उतरी, पानी का अंदाजा न होने के कारण देखते ही देखते पानी बोनट से ऊपर तक पहुंच गया और कार बंद हो गई। कई घंटों की मशक्कत के बाद कार तो चालू हो गई, लेकिन अगले ही दिन स्टार्ट ही नहीं हुई। आखिरकार मैकेनिक बुलाना पड़ा और काफी देर की मशक्कत के बाद कार ठीक हुई।<br /><br />राहुल बैरवा, निवासी फलौदी क्वारी<br />हो रही आर्थिक परेशानी<br />अंडरपास में महीनों से भरे गंदे पानी ने आमजन के साथ व्यापारियों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रोजाना चौपहिया वाहनों से माल सप्लाई के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन जलभराव के कारण उनके वाहन बार-बार खराब हो जाते हैं या बीच रास्ते में ही बंद पड़ जाते हैं। इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गंदे पानी में सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। रेलवे की अनदेखी से हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।<br /><br />मनोज जायसवाल, दुकानदार, निवासी टोडरा<br />अंडरपास में जलभराव से श्रद्धालु भी परेशान<br />टोंक, कोटा, जयपुर, गंगापुर सहित कई जिलों से हर मंगलवार और शनिवार को हजारों श्रद्धालु बनखंडी बालाजी धाम और क्वालजी स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन अंडरपास में भरे पानी ने उनकी यात्रा को कठिन बना दिया है। जलभराव के कारण वाहनों से उतरकर निकलना पड़ता है, जिससे भारी परेशानी होती है। कई बार तो पानी इतना भर जाता है कि यात्रियों के वाहन बीच रास्ते में ही खराब हो जाते हैं और घंटों तक लोग फंसे रहते हैं। इससे धार्मिक यात्रा का उत्साह कम होने के साथ श्रद्धालुओं को असुविधा और जोखिम दोनों झेलने पड़ रहे हैं।<br /><br />कपिल गुर्जर, बनखंडी कैंटीन संचालक, फलौदी<br />अनदेखी से बढ़ रहा खतरा<br />श्रद्धालुओं को अंडरपास में भरे पानी के कारण हर समय वाहन खराब होने का भय बना रहता है। इसी डर से कई यात्रियों को मजबूरी में कुशालीपुरा मार्ग से होकर जाना पड़ता है। इस रास्ते से धाम तक पहुंचने में 20 किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। जिम्मेदारों की अनदेखी से धार्मिक यात्रा का उत्साह कम हो रहा है और लोगों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।<br /><br />आदित्य शर्मा, निवासी फिरोजपुरा<br />इनका कहना है...<br />फलौदी-रवांजना चौड़ अंडरपास में जलभराव का मामला मेरे संज्ञान में आया है। जल्द ही अंडरपास से जलनिकासी की जाएगी।<br /><br />दिगपाल सिंह, सहायक अभियंता, रेलवे सवाईमाधोपुर<br />
