<p>ओडिशा के कालाहांडी में मनाए जाने वाले टोकीमारा पर्व मनाया गया. जिसमें आदिवासी परंपरा के कई रंग देखने को मिले, लोग बाजा बजा रहे थे, महिलाएं झूम रहीं थी, लोग हाथों में लाठी लिए थे, युवा मोर पंख लेकर नाच रहे थे. ये पर्व प्रकृति और धरती मां को समर्पित है. जिसमें देवी की यात्रा निकाली गई. टोकीमारा त्योहार मनाने की परंपरा बहुत पुरानी है.आदिवासियों का मानना है कि इस पूजा से खुशहाली आती है.पहले आदिवासी जंगलों में रहते थे. वे मिट्टी, पानी और हवा पर भरोसा करते थे. प्रकृति को भगवान मानते थे. आदिवासियों की ये शदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम हैं.</p>
