<p>वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया SIR का मामला एक बार फिर सुप्रीमकोर्ट में पहुंच गया है. पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणणूल कांग्रेस ने SIR को लेकर सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें पार्टी ने आरोप लगाया कि बिना किसी नोटिस के ही 58 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. </p><p>टीएमसी नेता डेरेक ओ' ब्रायन की ओर दायर याचिका में कहा गया है कि 2025 के स्पेशल समरी रिवीजन में वोटरों की संख्या 7 करोड़ 66 लाख 37 हजार 529 थी, वहीं, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में वोटरों की संख्या घटकर 7 करोड़ 8 लाख 16 हजार 616 रह गई. </p><p>याचिका में ये भी कहा गया है कि फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को पब्लिश होने वाली है और आशंका है कि इसके तुरंत बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से चुनाव आयोग को यह निर्देश देने की अपील की गई है कि दावों और आपत्तियों को जमा करने की मौजूदा तारीख 15 जनवरी 2026 को आगे बढ़ाई जाए. </p><p>इससे एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में आयोजित एक जनसभा में सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि वो इस मामले में सुप्रीमकोर्ट जाएंगी. टीएमसी ने इसके बाद ये कदम उठाया. </p>
