🌸 सूरह अल-मुम्तहिना (आयत 8-9) 🌸<br />अल्लाह तुम्हें उन लोगों से नेकी और इंसाफ करने से नहीं रोकता जो तुमसे दीन की वजह से नहीं लड़े और न तुम्हें तुम्हारे घरों से निकाला। बेशक अल्लाह इंसाफ करने वालों को पसंद करता है।<br />अल्लाह तो सिर्फ़ उन लोगों से दोस्ती करने से रोकता है जिन्होंने तुमसे दीन के नाम पर लड़ाई की, तुम्हें घरों से निकाला और निकालने में मदद की। जो उनसे दोस्ती करे, वही ज़ालिम हैं।<br />संक्षिप्त व्याख्या:<br />इस्लाम इंसाफ़ का दीन है। जो ग़ैर-मुस्लिम हमसे दुश्मनी न रखें, उनके साथ नेकी और इंसाफ करो। लेकिन जो दीन की वजह से ज़ुल्म करें, उनसे दोस्ती न करो।<br />अल्लाह हमें इंसाफ की तौफ़ीक़ दे। आमीन 🤲<br />#कुरआन_की_रोशनी #इस्लाम_और_इंसाफ
