<p>सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर सुनवाई के दौरान कहा कि अवैध खनन से अपूरणीय क्षति हो सकती है, इसलिए वह अरावली में खनन और संबंधित मुद्दों की जांच के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक समिति गठित करेगा. यह मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आया. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज बेंच के सामने मौजूद थे. पहाड़ियों के बारे में, सीनियर वकील राजू रामचंद्रन ने बेंच के सामने दलील दी कि अलग-अलग जगहों पर गैर-कानूनी माइनिंग हो रही है, पेड़ काटे जा रहे हैं, और इसे रोका जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, गैर-कानूनी माइनिंग पूरी तरह से एक जुर्म है. अदालत ने कहा कि अवैध खनन से ऐसा नुकसान होता है कि, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती और इसके भयानक नतीजे होते हैं. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि, कोर्ट के निर्देशों का ध्यान से पालन किया जाना चाहिए. अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि, कुछ लोग ऐसे हैं जो गैर-कानूनू माइनिंग में बुरी तरह से शामिल हैं. कोर्ट ने कहा कि, ऐसे में सरकार का चाहिए कि वह इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अपनी मशीनरी लगाए. </p>
