<p>देश की आजादी के 78 साल बाद भी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के गढ़रियनपुरवा गांव के लोग अंधेरे में जीने को मजबूर थे. बिजली न होने की वजह से उनकी जिंदगी चुनौती भरी और नीरस दिखती थी. हालांकि अब तस्वीर बदल चुकी है. आखिरकार गांव अब बिजली से रोशन हो चुका है। जिला मुख्यालय से महज आठ किलोमीटर दूर बसे इस गांव तक बिजली पहुंचाने में कई प्रशासनिक अड़चनें थीं. गांव का कुछ हिस्सा वन विभाग क्षेत्र में होने की वजह से सालों तक यहां विद्युतीकरण अटका रहा. हालांकि वन विभाग और बिजली विभाग की लगातार कोशिशों से गांव तक बिजली पहुंच ही गई. लोगों का कहना है कि गांव के अंधेरे में डूबे होने की वजह से शादी-ब्याह में मुश्किले आती थीं. लोग रिश्ते लेकर आते थे लेकिन वापस लौट जाते थे. ऐसे में अब गांव में बिजली पहुंचना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है. गांव के जो लोग कभी दीयों और मोमबत्तियों पर निर्भर थे, वे अब तेज रोशनी में आसानी से पढ़ाई कर सकते हैं, खाना बना सकते हैं और रोजमर्रा के दूसरे जरूरी कामों को निपटा सकते हैं.बाराबंकी का गढ़रियनपुरवा गांव अब एक बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है. गांव वाले तो कहते दिख रहे हैं कि वे अब सही मायने में आजाद भारत में कदम रख पाए हैं.</p>
