सवाईमाधोपुर. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कही जाने वाली एम्बुलेंसें खुद मरीजों के लिए खतरे का सबब बन चुकी हैं। हालात ऐसे हैं कि सरकारी एम्बुलेंस जर्जर होकर धूल फांक रही हैं, वहीं निजी एम्बुलेंसें बिना जांच और फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। नियमों को ताक पर रखकर चल रही इन गाड़ियों में न तो जीवन रक्षक दवाएं हैं, न प्रशिक्षित स्टाफ और न ही जरूरी उपकरण। आपात स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को हर पल असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व परिवहन विभाग के जिम्मेदार बेपरवाह बने है।<br /><br />निजी एम्बुलेंसों का जमावड़ा, नियम ताक पर<br /><br />जिला मुख्यालय पर 50 से अधिक निजी एम्बुलेंस दिनभर अस्पताल के बाहर कतार में खड़ी रहती हैं। गंभीर मरीजों को रैफर होते ही संचालक अपनी गाड़ी में बैठा लेते हैं। लेकिन इन एम्बुलेंसों में न ऑक्सीजन सिलेंडर है, न बीपी मशीन और न ही अग्निशमन यंत्र। कभी बीच रास्ते में गाड़ी खराब हो जाती है तो कभी वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से आग लग जाती है। पूर्व में ऐसी घटनाएं मरीजों और परिजनों को सकते में डाल चुकी हैं।<br />तीन एम्बुलेंस को चुकी कंडम<br />चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान में 108 एम्बुलेंस की संख्या 22 है जबकि 104 एम्बुलेंस 14 है। जिला मुख्यालय पर तीन एम्बुलेंस पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। हालांकि उनकी जगह नई आई है लेकिन अभी तक उनकी नीलामी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे में महिला थाने सामने धूल फांक रही है।<br /><br />किराए में मनमानी, मरीज मजबूर<br /><br />निजी एम्बुलेंस संचालक किराए की कोई सूची प्रदर्शित नहीं करते। ऐसे में गंभीर मरीजों से मनमर्जी रकम वसूली जाती है। मजबूर परिजन महंगे दामों पर ही सफर करने को विवश हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और परिवहन विभाग की अनदेखी से निजी एम्बुलेंसें बिना जांच के धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। हर साल फिटनेस प्रमाणपत्र जारी होता है लेकिन उपकरणों की जांच नहीं होती। विभागीय लापरवाही के कारण मरीजों की जान पर संकट मंडरा रहा है।<br />फैक्ट फाइल...<br />- जिले में 108 एम्बुलेंस की संख्या-22<br /><br />- 104 एम्बुलेंस की संख्या-14<br />-जिले में संचालित निजी एम्बुलेंस की संख्या-50 से अधिक<br /><br />- तीन एम्बुलेंस हो चुकी है कंडम।<br />.........................<br /><br />इनका कहना है...<br />बिना फिटनेस दौड़ रही एम्बुलेंस की जांच के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा जाएगा। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।<br /><br />अनिल कुमार जैमिनी, सीएमएचओ, सवाईमाधोपुर<br />इनका कहना है...<br />मानकों के विरुद्ध संचालित निजी एम्बुलेंसों पर की जांच करवाई जाएगी। इसके लिए निरीक्षकों को पाबंद किया जाएगा।<br /><br />अभिजीत, जिला परिवहन अधिकारी, सवाईमाधोपुर
