सीमावर्ती जैसलमेर जिले की ओरणों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने सहित अन्य मांगों को लेकर तनोट से जयपुर तक के लिए पदयात्रा निकाल रही टीम ओरण की ओर से राजस्थान सरकार को चेतावनी दी गई है कि उसने अगर मांगें नहीं मानी तो आगामी चुनावों में खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहे। टीम ओरण के सदस्य पदयात्रा करते हुए रविवार को बड़ाबाग से अन्य समर्थकों के साथ बड़ाबाग से रैली के रूप में जैसलमेर के डेडानसर से होते हुए हनुमान चौराहा पहुंचे। वहां बड़ी आमसभा का आयोजन रखा गया। जिसमें अच्छी संख्या में ग्रामीण और शहरी जन उपस्थित रहे। सभा को टीम ओरण के सुमेरसिंह सांवता, भोपालसिंह झालोड़ा, कानसिंह जोगा, भगवानसिंह नेतसी, नरेंद्रसिंह बैरसियाला, जितेंद्रसिंह पारेवर आदि ने सम्बोधित किया। सुमेरसिंह ने बताया कि इस अवसर पर ओरण क्षेत्रों को राजस्व रिकॉर्ड में शामिल करने के साथ जिले की जमीनों को कम्पनियों के नाम अंधाधुंध ढंग से आवंटित किए जाने का भी तीखा विरोध किया गया। वक्ताओं ने बताया कि गांवों में रहने वालों की आबादी विस्तार से लेकर ढाणी कटान तक के लिए जमीन के फैसले सरकार ने अपने हाथों में ले लिए हैं। सभा में पर्यावरण से जुड़े अन्य मसलों के भी समाधान के लिए सरकार के सामने पुरजोर ढंग से वकालत की गई।
