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गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर राज्यों की झांकी, भारत की दिखी विविधता, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत की झलक

2026-01-26 11 Dailymotion

<p>77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर राज्यों की झांकियों में भारत की विविधता, समृद्ध सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत की झलक देखने को मिली. उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की विरासत दिखी.इसमें  बांदा जिले के ऐतिहासिक कालिंजर के किले को प्रदर्शित किया गया. ये किला न सिर्फ स्थापत्य कला का बेजोड़ उदाहरण है. बल्कि यहां स्थित भगवान नीलकंठ महादेव का पौराणिक मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है.मध्य प्रदेश की झांकी जो देवी हिल्या बाई होल्कर को समर्पित थी, निकली तो सबका मन मोह लिया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान तालियां बजाते हुए उत्साहित दिखे. छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश के पहले आदिवासी डिजिटल संग्रहालय की मनमोहक झलक पेश की. इसमें आदिवासियों के शौर्य को प्रदर्शत किया गया. राजस्थान की झांकी में बीकानेर की स्वर्ण कला की झलक देखने को मिली. कर्तव्य पथ पर  गुजरात की झांकी ने स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता के मंत्र को प्रदर्शित किया. गणेश उत्सव की थीम पर महाराष्ट्र की झांकी जब कर्तव्य पथ से निकली तो इसने समां बांध दिया. जम्मू कश्मीर की झांकी में हस्तशिल्प और लोक नृत्य का प्रदर्शन किया गया. हिमाचल प्रदेश की झांकी में देश भक्ति की भावना और प्रदेश के रणबांकुरों की गौरवशाली गाथा को प्रस्तुत किया गया. पंजाब की झांकी गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को समर्पित रही. पश्चिम बंगाल की झांकी में स्वंत्रता संग्राम के दौरान संघर्ष की कहानी को प्रदर्शित किया गया. केरल की झांकी में पहली वाटर मेट्रो और डिजिटल सश्क्तिकरण को दिखाया गया. तमिलनाडु की झांकी ने समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की झलकी पेश की. पुडुचेरी की झांकी में सामने के हिस्से में ऑरोविल का मशहूर सुनहरा मातृमंदिर दिखाया गया था. कर्तव्य पथ पर असम की झांकी ने सबका ध्यान खींचा. इसमें टेराकोटा गांव की झलक को दिखाया गया था. मणिपुर की झांकी में कृषि से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक का सफर दिखाई दिया. नगालैंड की झांकी हॉर्नबिल फेस्टिवल को प्रदर्शित कर रही थी.</p>

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