जामनगर, गुजरात: गुजरात का जानमगर ब्रास सिटी के रूप में जाना जाता है। यहां ब्रास कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी लगभग 8000 छोटी-बड़ी इकाइयां हैं और इनमें लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। जामनगर में बने पीतल के पुर्जे देश ही नहीं पूरी दुनिया में भेजे जाते हैं। सरकार ने जामनगर के ब्रास इंडस्ट्री को क्लस्टर उद्योग का दर्जा दिया है, लेकिन यहां के उद्योगपतियों का कहना है कि सरकार की ओर से जो सहूलियत दी जा रही हैं, वो नाकाफी हैं। ऐसे में वे चाहते हैं इस बार के बजट में सरकार जामगनर के पीतल उद्योग की मुश्किलों को ध्यान में रखकर निर्णय करे और RoDTEP जैसी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों को बढ़ाए, जिससे कैपिटल की कमी से जूझ रही ब्रास इंडस्ट्री को बूस्ट मिल सके। जामनगर फैक्ट्री ऑनर्स एसोसिएशन ने ब्रास स्क्रैप पर लगने वाले जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की भी मांग की है। साथ ही डॉलर की बढ़ती कीमत व मेटल के बढ़ते दामों को भी कंट्रोल करने की मांग की है।<br /><br /><br />#Budget2026 #GeneralBudget #ModiGovernment #PMModi #FinanceMinisterNirmalaSitharaman #Gujarat #Jamnagar #IndustryDemand #BrassIndustry #ClusterIndustry #GST #Dollar #Exports #BrassComponents #MSME<br />
