<p>नारियल का इस्तेमाल कर लोग इसके खोल को फेंक देते हैं. लेकिन ओडिशा की केंद्रपाड़ा की महिलाओं ने इसके रेशे को कमाई का जरिया बना लिया. एक प्रोडक्शन ग्रुप बनाया और इको फ्रेंडली होम डेकोर बना रहीं हैं. तीस से चालीस रुपये प्रति किलों के हिसाब से ये नारियल के रेशे खरीदती हैं और इसके साथ कपड़ा, ऊन, कागज, पत्थर और सूखे पत्तों का इस्तेमाल कर हाथी, घोड़े, हिरण, कछुए, घोंसले जैसे सजावटी सामान बनाती हैं. ये महिलाएं गांव में लगने वाले मेलों में स्टॉल लगाती है. जिसमें 70 रुपये से लेकर 250 रूपये तक प्रति सामान बेंच कर अच्छी कमाई कर लेंती हैं. बिना किसी खास प्रशिक्षण के ये महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं. बस इनको सरकारी मदद की दरकार है.</p>
