सागर यूनिवर्सिटी के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग पर रिसर्च, अब दो दिन में मिलेगी बीमारी की पूरी जानकारी.