<p>सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई. बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के एक बयान पर बात इतनी अधिक बढ़ गई कि स्पीकर को लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ गई. तेजस्वी सूर्या ने यूपीए शासन को लेकर कुछ टिप्पणी की, राहुल गांधी उस पर जवाब देना चाहते थे. लेकिन राहुल गांधी इसके लिए जिस किताब का जिक्र करना चाहते थे, स्पीकर ने उसकी इजाजत नहीं दी. पूरा विवाद इससे ही जुड़ा है. राहुल का कहना था कि बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस की "देशभक्ति" और "चरित्र" पर सवाल खड़े किए हैं, इसलिए वह एक पूर्व सेना प्रमुख के उस संस्मरण के अंश को पढ़ना चाहते हैं जो एक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.</p><p>इसके बाद प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान पर हंगामा मच गया, जिसमें वह पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की एक किताब को लेकर कुछ कहना चाहते थे. सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूछा कि राहुल गांधी जिस किताब का जिक्र करना चाहते हैं, वह किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि नरवणे की किताब को सरकार ने ही प्रकाशित करने की अनुमति नहीं दी है. इस पर सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि यदि सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी है, तो इसका मतलब है कि उसमें लिखित तथ्य ऑन रिकॉर्ड नहीं हैं. हालांकि, सरकार की ओर से किताब के प्रकाशन को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.</p><p>गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि राहुल गांधी किसी मैगजीन के किसी अंश को पढ़ना चाहते है, तो वे ऐसा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि स्पीकर ने इसकी इजाजत नहीं दी है. दरअसल, राहुल गांधी नरवणे की किताब को लेकर "कारवां" मैगजीन में छपे एक लेख का जिक्र करना चाहते थे, जिसमें डोकलाम को लेकर टिप्पणी की गई है. इसमें कथित तौर पर राजनीतिक नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए गए हैं.</p><p>नेता प्रतिपक्ष सदन में पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक "फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी" के मसौदे के उस अंश को पढ़ना चाहते थे, जिसमें 31 अगस्त, 2020 की एक घटना का उल्लेख है.</p>
