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मंडी के बाबा भूतनाथ मंदिर में वेमुलावाड़ा महादेव स्वरूप में भगवान शिव का दिव्य श्रृंगार, भक्तों का लगा तांता

2026-02-04 0 Dailymotion

<p>मंडी: महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर छोटी काशी मंडी में तैयारियां तेज हो गई है. मंडी शहर के ऐतिहासिक बाबा भूतनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव के तहत भगवान शिव के दिव्य स्वरूपों की श्रृंखला में एक और अलौकिक दृश्य देखने को मिला. इसी क्रम में बाबा भूतनाथ का 18वां स्वरूप वेमुलावाड़ा महादेव के रूप में सुसज्जित किया गया.</p><p>शिवरात्रि महोत्सव की परंपरा के अनुसार यहां बाबा भूतनाथ का मक्खन (माखन) श्रृंगार किया जाता है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. तारा रात्रि के उपरांत मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. श्रद्धालु दूर-दराज़ से यहां भगवान शिव के विभिन्न अलौकिक स्वरूपों के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. इस अनोखी परंपरा के तहत भूतनाथ मंदिर में भगवान शिव की पींडी पर माखन का लेप चढ़ाया जाता है और उसी माखन लेप पर प्रतिदिन भोले बाबा के अलग-अलग स्वरूप उकेरे जाते हैं. यह श्रृंगार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि शिल्प और भक्ति का अद्भुत संगम भी प्रस्तुत करता है.</p><p>आज के श्रंगार में बाबा भूतनाथ को वेमुलावाड़ा महादेव के स्वरूप में सजाया गया. तेलंगाना के राजन्ना सिरसिला जिले में स्थित वेमुलावाड़ा मंदिर, जिसे श्री राजा राजेश्वर स्वामी देवस्थानम के नाम से जाना जाता है, एक प्राचीन और प्रसिद्ध शिव धाम है. इसे 'दक्षिण काशी' भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच चालुक्य राजाओं द्वारा करवाया गया था. यहां भगवान शिव अपनी अर्धांगिनी राजा राजेश्वरी देवी और माता लक्ष्मी के साथ विराजमान हैं. यह स्थल शैव और वैष्णव परंपराओं के अनूठे संगम 'हरिहर क्षेत्र' के रूप में भी विख्यात है. मंदिर परिसर में स्थित धर्मगुंडम कुंड को औषधीय गुणों से युक्त माना जाता है, वहीं यहां मौजूद मस्जिद धार्मिक सद्भाव का भी प्रतीक है.</p><p>बाबा भूतनाथ मठ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि, "महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान देश के विभिन्न प्रसिद्ध शिव धामों के स्वरूपों में बाबा भूतनाथ का श्रृंगार किया जाता है. इसी कड़ी में आज बुधवार (4 फरवरी को) बाबा को वेमुलावाड़ा महादेव के रूप में सजाया गया. इस परंपरा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर भगवान शिव के अनेक स्वरूपों के दर्शन कराना और सनातन संस्कृति की विविधता को उजागर करना है. मंडी का यह प्राचीन मंदिर इन दिनों शिवभक्ति और आस्था का जीवंत केंद्र बना हुआ है, जहां हर दिन बदलते स्वरूपों में बाबा भूतनाथ के दर्शन कर श्रद्धालु स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं."</p>

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