<p>कर्नाटक के शिवमोगा के एक लड़के पास खास हुनर है. जो पैरों की उंगलियों को देखकर उनकी पहचान बता देता है. गेरुपूरा, होसानगर के रेजिडेंशियल स्कूल के 10 वीं का छात्र भुवन एस. अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान खींच रहा है. भुवन की इस कला के पीछे उसके स्कूल के टीचर हैं. भुवन अपने इस हुनर को लेकर कहते हैं कि "मैं अपने स्कूल टीचर से बात करते समय अपना सिर नीचे रखता हूँ. मैं ज़्यादातर समय उनके पैरों को देखता हूँ. यह मेरी आदत बन गई है. मेरे टीचर्स ने मुझे ऐसा करने के लिए प्रेरित किया. अगर मैं कुछ देखता हूँ, तो मुझे वह याद रहता है. कोई भी दो इंसान एक जैसे नहीं होते. इसी तरह, कोई भी दो पैर एक जैसे नहीं होते. सबके पैर अनोखे होते हैं. मैं उनके पैरों की उंगलियों में वह अनोखापन ढूंढता हूँ और उन्हें पहचानता हूँ. स्कूल के प्रिंसिपल योगेश छात्र की मेमोरी से आश्यचर्यचकित हैं. वो बताते है " हमने उसका टेस्ट लिया कि वह कैसे पहचानता है, हमने क्लास के सभी स्टूडेंट्स को मिला दिया, और उनमें से किसी ने भी अपनी पहचान नहीं बताई, बस अपने पैर दिखाए. फिर, उसे बिना किसी गलती के सबके नाम बताते देखकर हम सब हैरान रह गए". स्कूल के पेरेंट्स काउंसिल के प्रेसिडेंट भुवन की इस प्रतिभा को चमत्कार मानते हैं.कृष्णमूर्ति कहते हैं, "सिर्फ़ पैर देखकर किसी का नाम बता देना एक चमत्कार है. आप सिर्फ़ 10-15 बच्चों को उनके पैर देखकर पहचान सकते हैं और उनका नाम बता सकते हैं. लेकिन, 100 से 200 लोगों को पहचानना और उनका नाम बताना कमाल की बात है। वह स्कूल का टॉप स्टूडेंट है". भुवन के दोस्तों के मानना है कि भगवान हर किसी को कोई न कोई टैलेंट देता है और उनके दोस्त को भी भगवान ने एक खास टैलेंट दिया है.वहीं SIMS मेडिकल कॉलेज साइकोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने इसके पीछे भुवन का IQ लेवल दूसरों से ज्यादा होने की बात कही.</p>
