ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है और हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि युद्ध किसी भी पल भड़क सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सैन्य तैयारियों को लेकर चौंकाने वाले संकेत सामने आए हैं। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने सख्त बयानों और सैन्य संकेतों से तीसरे विश्व युद्ध (WW3) की आशंका को और गहरा कर दिया है। ईरानी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि किसी भी हमले का जवाब पहले से कहीं ज़्यादा ताक़तवर होगा। मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियां, अमेरिकी वॉरशिप्स की तैनाती और ईरान के मिसाइल अभ्यास इस टकराव को और खतरनाक बना रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात काबू में नहीं आए, तो यह टकराव सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की घातक मिसाइल ताक़त ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की हाइपरसोनिक मिसाइल *Kh-47M2 Kinzhal* को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी सतर्क हो गए हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वही मिसाइल है जिसे पुतिन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला ख़ामेनई को एक रणनीतिक संदेश के तौर पर दिखाया। इस मिसाइल की रफ्तार और सटीकता ऐसी है कि यह मिनटों में दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मिसाइल किसी समुद्री टारगेट पर दागी जाती है, तो अमेरिकी नौसेना के सबसे ताक़तवर वॉरशिप्स भी असुरक्षित हो सकते हैं। डोनाल्ड ट्रम्प के दौर की अमेरिकी सैन्य रणनीति पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। पुतिन की यह ताक़त सिर्फ़ हथियार नहीं, बल्कि एक साफ़ भू-राजनीतिक चेतावनी मानी जा रही है। <br /> <br />#khamenei #iranuswar #putin #trump #iranuswarlatestnews #iranwarnews #iranusnews #trumpnews #trumpiranwar
