जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने 'वंदे मातरम' गीत को सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य करने के फैसले का विरोध किया है। मदनी ने इसे पक्षपाती और जबरदस्ती थोपा गया फैसला बताया है। मदनी के इस बयान पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही है। बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि ये देश धर्म के आधार पर बंटा है। अगर उनको वंदे मातरम गाने में दिक्कत है तो पाकिस्तान में उनके लिए दरवाजे खुले हैं।
