महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5 फीसदी आरक्षण से जुड़ा पुराना फैसला रद्द कर दिया है। दरअसल साल 2014 में एक अध्यादेश के जरिए मुस्लिम समाज को विशेष पिछड़ा SBC-A के तहत सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 5 फीसदी आरक्षण दिया गया था और इसके आधार पर ही जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र भी जारी किए जा रहे थे। जिसपर सरकार ने रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं...<br /><br /><br />#MAHARASHTRANEWS, #MaharashtraMuslimReservation, #muslimReservationinMaharashtra
