<p>कर्नाटक के दावणगेरे के दुर्गम्मा मेले में हजारों लोगों की भीड़ जुटती है. भेड़ों की लड़ाई होती है. दावणगेरे और भेड़ों-लड़ाई का एक अटूट रिश्ता है. दावणगेरे में हर घर में भेड़ पालने की परंपरा है. भेड़-लड़ाई को लोग अपना सांस्कृतिक खेल मानते हैं. ये लड़ाई दुर्ग्गम्मा देवी मेले का खास इवेंट है. </p><p>इस बार हुई नेशनल लेवल की भेड़-लड़ाई ने सबका ध्यान खींचा है. क्रिकेट की तरह यहां लीग और नॉकआउट फॉर्मेट में इवेंट का आयोजन हुआ. दांतों की संख्या के आधार पर अगल-अलग ग्रुप में इनका मुकाबला होता है. दो दांत वाले दो दांत वाले भेड़ों से भिड़ते हैं तो चार दांत वाले चार दांत वाले भेड़ों से मुकाबला करते हैं.</p><p>यहां 700 से ज्यादा भेड़ों ने अपनी ताकत दिखाई. भेड़ों की लड़ाई को देखकर लोग खुशी से सीटियां और तालियां बजाते रहे. इनका हर एक वार रोमांच पैदा करने वाला था. 8 दांतों वाले भेड़ का पहला इनाम 4 लाख रुपये, दूसरा इनाम 3 लाख रुपये और तीसरा इनाम 2 लाख रुपये है. जीतने वाले भेड़ों को 'दुर्गम्बिका केसरी' का टाइटल दिया जाएगा. </p>
