<p>आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में दुनिया के 74 देशों की नेवी का जमावड़ा लगा है. विशाखापत्तनम में चल रहा इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और मिलन एक्सरसाइज ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा. नौसेना का यह अभ्यास मल्टी लैटरल नेवल एक्सरसाइज का प्रतीक बन गया. यह भारत को एक विश्वसनीय और जिम्मेदार समुद्री साझेदार में स्थापित करता है.</p><p>एक शक्तिशाली भारतीय नेवी का महत्व सिर्फ इस बात से समझा जा सकता है कि देश का 97 फीसदी व्यापार समुद्री रास्तों से होता है. कई मोर्चे पर नौसेना ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है. दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब भी दिया है. मौजूदा समय में नेवी के पास एक से बढ़कर एक विध्वंसक युद्धपोत हैं. भारतीय नौसेना के युद्धपोत और सैनिक भारत की 7500 किमी से अधिक लंबी समुद्री तट की निगरानी करते हैं. सैनिकों की संख्या के लिहाज से देखें तो भारतीय नौसेना दुनिया में चौथे स्थान पर है. </p><p>भारत सरकार के मुताबिक, इंडियन नेवी विजन 2047 के तहत बिल्डर्स नेवी बनने की राह पर है.. यानी भारतीय नौसेना पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगी.. </p>
